बहन

Entry No. 10 : बहन

बात ये उसकी हैजो मुझे अपना सब कुछ समझती हैथोड़ी झल्ली है और चिड़चिड़ी भी हैमुझसे रोज टीवी रिमोट के लिए झगड़ती हैकुछ काम बोलो तो महीनों पुरानी लड़ाई याद दिलाती हैफिर इतना शोर मचाती है कि पुरा घर सर पे उठाती हैफिर मां से मेरी क्या शामत आ जाती Read more…

कोरोना- एक उपकार

Entry No. 8 : कोरोना- एक उपकार

ऐ रास्ते बता सुकून मिला ना तुझेबताना क्यों खामोश है तू मुझसेना अब वो गाडियां है जो तुझपे सवार हुआ करती थीना ही वो सरसराहट पैरो की जो तुझे नींद से जगा दिया करती थीसो रहा है ना चैन से आज तूतन्हा अकेला थका हुआ है ना तूचल जा करले Read more…

बेज़ुबान हाथी

Entry No. 23 : बेज़ुबान हाथी

पढ़े लिखों का शहर है,नाम लो तो मचता कहर हैजानवरों की इज़्ज़त नहीं जहां,राक्षस रहते हैं वहां! हाथी को पूजा जाता है जहाँ,भारत एक ऐसा देश है..उसी जगह हुआ यह दुर्व्यवहार,लोगों का यह कैसा भेस है? जिसकी कोख में पल रहा था एक नन्हा मेहमान,लोगों ने नहीं रखा उस माँ Read more…

मुकम्मल

Entry No. 24 : मुकम्मल

कैसी इबारत है मेरी,की जैसे अब तन्हा ही रहना है और अब मुकम्मल हरगिज़ न होगी!!मिलकर भी सबसे मुकम्मल न हुआ मैं कभी और जाते-जाते अधूरा उन्हें भी तो कर ही दिया है कहीं न कहीं!! अब कोई रवायत मुझपे साक़ी तो नही,न दोस्ती की- न इश्क़ की…जैसे अब मुझे Read more…

चलो आज वो हिसाब करते है

Entry No. 26 : चलो आज वो हिसाब करते है

चलो आज वो हिसाब करते है।कुछ भुला देते है, कुछ याद रखते है।अच्छा हो या बुरा अब नजरअंदाज करते हे।कुछ जाने देते है,कुछ समेट लेते है। चलो आज वो हिसाब करते है।। अपनो की परवाह गेरौ के लिये अरदास करते है।थोडा बचपना अब थोडे संभल जाते है।हसते हसाते जिदंगी के Read more…