ऐ चाँद

Entry No. 12 : ऐ चाँद

ऐ चाँद ज़रा तू छुप जा कहींमेरा यार आने वाला है ,तेरे नूर पे जो तुझे गुरूर हैवो अाज टूटने वाला हैं |हाँ, माना की रौशन किया होगा जहान तूनेपर मेरी ज़िन्दगी में तो रौशनी वो लेकर आया हैतेरे नूर Read more…

Entry No. 10 : बहन

बात ये उसकी हैजो मुझे अपना सब कुछ समझती हैथोड़ी झल्ली है और चिड़चिड़ी भी हैमुझसे रोज टीवी रिमोट के लिए झगड़ती हैकुछ काम बोलो तो महीनों पुरानी लड़ाई याद दिलाती हैफिर इतना शोर मचाती है कि पुरा घर सर Read more…

बहन

Entry No. 8 : कोरोना- एक उपकार

ऐ रास्ते बता सुकून मिला ना तुझेबताना क्यों खामोश है तू मुझसेना अब वो गाडियां है जो तुझपे सवार हुआ करती थीना ही वो सरसराहट पैरो की जो तुझे नींद से जगा दिया करती थीसो रहा है ना चैन से Read more…

कोरोना- एक उपकार
बेज़ुबान हाथी

Entry No. 23 : बेज़ुबान हाथी

पढ़े लिखों का शहर है,नाम लो तो मचता कहर हैजानवरों की इज़्ज़त नहीं जहां,राक्षस रहते हैं वहां! हाथी को पूजा जाता है जहाँ,भारत एक ऐसा देश है..उसी जगह हुआ यह दुर्व्यवहार,लोगों का यह कैसा भेस है? जिसकी कोख में पल Read more…

Entry No. 24 : मुकम्मल

कैसी इबारत है मेरी,की जैसे अब तन्हा ही रहना है और अब मुकम्मल हरगिज़ न होगी!!मिलकर भी सबसे मुकम्मल न हुआ मैं कभी और जाते-जाते अधूरा उन्हें भी तो कर ही दिया है कहीं न कहीं!! अब कोई रवायत मुझपे Read more…

मुकम्मल