एक बार

Entry No. 17 : एक बार

एक बार कुछ खास तो होगा तुम में भी,कुछ अलग तो होगा तुम में भी;तुम चाहे जैसे हो,एक आप तो होगा तुम में भी। वो नजरिएं हजारों होंगे,वो तर्क हजारों होंगे,वो होंगे फैसले हजारों,वो व्यंग्य भी हजारों होंगे।पर तुम एक हो,तुन में अनेक है;ये सच क्यों नहीं पहचानते?क्यों खुद को Read more…

ऐ चाँद

Entry No. 12 : ऐ चाँद

ऐ चाँद ज़रा तू छुप जा कहींमेरा यार आने वाला है ,तेरे नूर पे जो तुझे गुरूर हैवो अाज टूटने वाला हैं |हाँ, माना की रौशन किया होगा जहान तूनेपर मेरी ज़िन्दगी में तो रौशनी वो लेकर आया हैतेरे नूर पे जो तुझे गुरूर है,वो आज टुटने वाला है |हाँ Read more…

बहन

Entry No. 10 : बहन

बात ये उसकी हैजो मुझे अपना सब कुछ समझती हैथोड़ी झल्ली है और चिड़चिड़ी भी हैमुझसे रोज टीवी रिमोट के लिए झगड़ती हैकुछ काम बोलो तो महीनों पुरानी लड़ाई याद दिलाती हैफिर इतना शोर मचाती है कि पुरा घर सर पे उठाती हैफिर मां से मेरी क्या शामत आ जाती Read more…