एक बार

Entry No. 17 : एक बार

एक बार कुछ खास तो होगा तुम में भी,कुछ अलग तो होगा तुम में भी;तुम चाहे जैसे हो,एक आप तो होगा तुम में भी। वो नजरिएं हजारों होंगे,वो तर्क हजारों होंगे,वो होंगे फैसले हजारों,वो व्यंग्य भी हजारों होंगे।पर तुम एक हो,तुन में अनेक है;ये सच क्यों नहीं पहचानते?क्यों खुद को Read more…

ऐ चाँद

Entry No. 12 : ऐ चाँद

ऐ चाँद ज़रा तू छुप जा कहींमेरा यार आने वाला है ,तेरे नूर पे जो तुझे गुरूर हैवो अाज टूटने वाला हैं |हाँ, माना की रौशन किया होगा जहान तूनेपर मेरी ज़िन्दगी में तो रौशनी वो लेकर आया हैतेरे नूर पे जो तुझे गुरूर है,वो आज टुटने वाला है |हाँ Read more…