Entry No. 17 : एक बार

एक बार कुछ खास तो होगा तुम में भी,कुछ अलग तो होगा तुम में भी;तुम चाहे जैसे हो,एक आप तो होगा तुम में भी। वो नजरिएं हजारों होंगे,वो तर्क हजारों होंगे,वो होंगे फैसले हजारों,वो व्यंग्य भी हजारों होंगे।पर तुम एक Read more…

एक बार